रुधौली थाना: मल्ह्वार गाँव की 8 माह की गर्भवती के साथ मर पीट, पेट में पल रही बच्ची की मौत !!

बस्ती के रुधौली थाना क्षेत्र में बड़ी ही दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है और इस घटना के पीड़ितों ने जब पुलिस के सामने गुहार लगाईं तो भी पुलिस ने दोषियों के ऊपर कोई कोई कार्यवाही नहीं की। थाना क्षेत्र के मल्ह्वार गाँव की 8 माह की गर्भवती रफिसुन्निशा पत्नी अब्दुलाह अपने मायके में आई हुई थी इसी दौरान 24 जून को जामुन तोड़ने के विवाद में रफिसुन्निशा के परिवार के बच्चों में गाँव के ही सब्बो खातून के बच्चों के साथ झगड़ा होने लगा। जब इस बात की जानकारी रफिसुन्निशा को हुई तो वह बच्चों को समझाने पहुँच गई, तभी सब्बो खातून पुत्री यार मोहम्मद, उसकी पत्नी मौके पर पहुँच कर आठ माह की गर्भवती रफिसुन्निश को बाल पकड़ कर मारने लगे, इसी दौरान सब्बो खातून ने गर्भवती रफिसुन्निशा के पेट पर कई लात जड़ दिए जिससे मौके पर ही रफिसुन्निशा बेहोश होकर गिर पड़ी।

घटना की सूचना पाकर रफिसुन्निशा के परिवार वाले रुधौली के एक निजी अस्पताल लेकर गए जहाँ से हालत नाजुक होने पर बस्ती महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, यहाँ आने पर पता चला की रफिसुन्निशा के पेट में पल रहा बच्चा मर चुका है, यहाँ के डाक्टरों ने बड़ी मुश्किल से रफिसुन्निशा की जान बचा कर बच्चे को पैदा कराया, पैदा होने पर पता चला की पेट में पल रही बच्ची थी और चोट लगने से नाक व मुहं से खून आ गया था, जिसकी वजह से पेट में पल रही अबोध बच्ची की मौत हो गई।

पीड़िता ने आरोप लगाया है की इस जघन्य घटना तहरीर रुधौली थाने में अभियुक्तों के खिलाफ सुसंगत धाराओं सहित हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है, लेकिन पुलिस इस घटना में दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बजाय मामले में लीपा पोती करती नजर आ रही है।


अब सवाल यह है की जो माँ दुनियां के सारे दुःख दर्द झेल कर अपने पेट में बच्चे को पालती है और जब जन्म देने का समय आये तो उसकी किलकारी सुनने की बजाय उसकी लाश देखने को मिले तो उसके दिल पर क्या बीतता होगा। और वह भी तब जब अपराधियों द्वारा पेट में पल रहे बच्चे को मौत की नींद सुला दिया जाए, और पुलिस इस घटना में कार्यवाही करने की बजाय अपराधियों को बचाती फिरे,
निश्चित ही यह घटना न केवल मानवता को शर्मशार करने वाली है बल्कि पुलिसिया कार्यप्रणाली पर भी सवाल खडा करती है, देश और प्रदेश की सरकार बड़े जोर शोर से बेटी बचाओं के नारे लगा रही है और यहाँ पेट में पल रही बच्ची को ही कुछ लोगों ने मौत की नींद सुला दिया।

थाने में घटना की जानकारी देने के बावजूद भी पुलिस नहीं आई, आज पीड़ित पक्ष जिला महिला अस्पताल में बच्ची की लाश के साथ पुलिस के आने के इंतज़ार में बैठा हुआ है, न्याय की गुहार लगते हुए इस पीड़िता की मदद को कौन आगे आएगा, क्या सरकार इसके लिए जबाब देह नहीं है ? आशा है की दोषियों के खिलाफ कार्यवाही जरुर होगी !!

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Author & Writer : Mr. Brihaspati Pandey & Khas Press Team

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